इरेक्टाइल डिस्फंक्शन, नपुंसकता, क्या है ?

By Dr. Rekha Trivedi - January 26, 2019

इरेक्टाइल डिस्फंक्शन को आम बोलचाल की भाषा में नपुंसकता भी कहा जाता है. यह एक बीमारी है जिसमें सेक्स के समय पुरुष को लिंग में सही तरीके से तनाव नहीं आ पाता ,जिसकी वजह से सेक्स में समस्या आती है. इस बीमारी के निम्नलिखित लक्षण हो सकते हैं-

1. सेक्स की प्रक्रिया में लिंग में बिल्कुल भी तनाव ना आना
2. शुरुआत में तनाव आना लेकिन सेक्स के दौरान तनाव का खत्म हो जाना
3. आधा अधूरा तनाव आना जो की सेक्स की प्रक्रिया को करने के लिए काफी नहीं है
4. योनि में प्रवेश करने के तुरंत बाद तनाव का खत्म हो जाना
5. किसी एक पार्टनर के साथ तनाव आ जाना लेकिन दूसरे पार्टनर के साथ तनाव ना आना

इस बात को याद रखना चाहिए कि इरेक्टाइल डिसफंक्शन का डायग्नोसिस (निदान) तभी बनाया जाता है जब सेक्स की इच्छा होने के बावजूद भी पुरुष को लिंग में तनाव न आता हो, यदि सेक्स की इच्छा ही कम है तो लिंग में तनाव का ना आना स्वाभाविक है और उस स्थिति में इरेक्टाइल डिस्फंक्शन का डायग्नोसिस (निदान) नहीं बनाया जा सकता.

इरेक्टाइल डिस्फंक्शन के मरीज को काफी शर्मिंदगी झेलनी पड़ती है और अक्सर उस की मर्दानगी पर भी सवाल उठाए जाते हैं .
शर्मिंदगी से बचने के लिए अक्सर इस बीमारी के मरीज सेक्स करने से बचने लगते हैं और जैसे-जैसे सेक्स करने की प्रक्रिया कम होती है यह बीमारी और बढ़ने लगती है. अक्सर, इन मरीजों में कुछ समय बाद डिप्रेशन और एंग्जायटी की बीमारी के लक्षण भी आने लगते हैं.

इस बीमारी का मरीजों की शादीशुदा जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है और पति पत्नी के रिश्ते में भी खटास आने लगती है . कई बार बात तलाक तक पहुंच जाती है . यह बीमारी मरीज के आत्मविश्वास को कम कर देती है और पारिवारिक जिंदगी को खराब कर देती है. शर्मिंदगी की वजह से जो लोग इस बीमारी को छुपाने का प्रयास करते हैं उनमें बीमारी धीरे-धीरे और जटिल होती जाती है और लाइलाज होती जाती है.

इसीलिए यह बहुत जरूरी है की इरेक्टाइल डिस्फंक्शन की बीमारी को जल्द से जल्द पहचाना जाए और उचित डॉक्टर से इसका इलाज करवाया जाए.